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श्रीमानजी ! आप किस जाती से है ?

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हिन्दुस्थान  सहित कई  गरीब मुल्को में आज भी जाति के अनुशार लोकव्यवहार में  भेद-भाव दर्शता है . शहरों कों छोड़ दे तो बदस्तूर यह प्रथा आज भी गावो में धडल्ले से चल रही है ! शिक्षित ओर क्या अशिक्षित सभी ऊँची जाति का होने  का दम्म भरते है, ओर छोटी जातियों...

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हमारे आचार्य श्री महाश्रमण क्या कहते है

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हमारे धर्म गुरु आचार्य महाप्रज्ञ कहते है

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जैन ध्वज (Jain Flag)

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लाल रंग हमारी आंतरिक दृष्टियों को जागृत करता है। पीला रंग हमारे मन को सक्रिय करता है। श्वेत रंग हमारी आंतरिक शक्तियों को जागृत करता है। हरा रंग शांति देता है तथा आत्म साक्षात्कार में सहायक होता है। नीला रंग अवशोषक होता है। वह बाहर के प्रभाव को...

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जैन मिल रेस्टोरेंट

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भारतीय रेस्टोरेंट (Indian Restaurant) शाकाहारी भोजन मानव शरीर के लिए अनुकूल होने से सर्वोत्तम है। इस्कॉन (ISKCON), हरे कृष्णा आंदोलन। पेटा (PETA) जैसे संगठनों के प्रयास से पूरी दुनिया में शाकाहार भोजन स्वस्थ्य रहने की भावना से सभी धर्मों के अनुयायियों...

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 मूल मकसद है पाठको एवं धर्म जिज्ञासुओ... "> सुज्ञजी ने बहुत गहरा प्रश्न करा - सात तत्व नहिं, नौ तत्वो का उल्लेख

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सुज्ञजी ने बहुत गहरा प्रश्न करा कल कि हमारी पोस्ट "जैन दर्शन एवं तत्व -१" कों लेकर जिससे मुझे प्रसन्ता हुए क़ी पाठको में सजगता है ...चुकी जैन इतिहास कों हम कई कड़ीयो में प्रकाशित करते हुए आज ३० वी कड़ी पर पहुचे है >  मूल मकसद है पाठको एवं धर्म जिज्ञासुओ...

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जैन दर्शन में, तत्त्व ---2

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गातांक से आगे....जैन सिद्धान्त में जीव का मुख्य लक्षण उपयोग माना गया है। उपयोग के दो भेद हैं-दर्शन और ज्ञान। दर्शन शब्द का प्रयोग अनेक अर्थों में किया जाता है। सामान्य भाषा में दर्शन का अर्थ होता है-किसी पदार्थ को नेत्रों द्वारा देखने की क्रिया। शास्त्रीय...

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