कल शाम यूं ही ठंड...
कल शाम यूं ही ठंड में छत पर बैठे थे. काफी नजर मारने के बाद एक अलग सा अहसास हुआ. छत पर बैठकर हिन्दी गाने और शायरी सुनने का मजा ही अलग आने लगा. नीचे आया तो ना जानें क्या भूत पर चढ़ा कि कम्प्यूटर पर शायरी सर्च करने लगा. कुछ शायरियां अच्छी लगी तो उन्हें आपके लिए लेकर आ गया. चलिए आप भी मजा लीजिए कुछेक बेहतरीन शायरियों का.
एक दुखी लड़की ने अपने प्रेमी के लिए शायरी लिखी !
फूलों का राजा
बहारों का सह्जादा
दिल तोड़ कर चला गया
कुत्ता, कमीना, हराम-जादा !
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