जीवन विज्ञान...
जीवन विज्ञान अंधेरे से उजाले का पर्याय दस्साणी भवन में एक दिवसीय जीवन विज्ञान सम्मेलन
22 नवम्बर 2012 जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो सुजानगढ़.
दस्साणी भवन में गुरुवार को अखिल भारतीय जीवन विज्ञान उप शाखा के तत्वावधान में जीवन विज्ञान दिवस के उपलक्ष में शासन गौरव साध्वी राजीमती के सानिध्य में एक दिवसीय विद्यार्थी सम्मेलन हुआ।
सम्मेलन में कस्बे की कुल आठ शिक्षण संस्थाओं के सैकड़ों छात्र छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल की बहनों ने मंगलाचरण से किया। बाद में सूरज कुमारी गाड़ोदिया आविमं की छात्राओं ने सामूहिक गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए अखिल भारतीय जीवन विज्ञान अकादमी के केंद्रीय निदेशक ओमप्रकाश सारस्वत ने कहा कि मन के भावों को परिवर्तित कर शुद्ध बनाने का काम जीवन विज्ञान करता है, जिससे मनुष्य के कार्य आशातीत सफलता से होते हैं। इस दौरान साध्वी राजीमती, कुसुम प्रभा व समताश्री ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर ज्ञानशाला के बच्चों ने एक बाल नाटिका की सांगोपांग प्रस्तुति भी दी। पार्षद मधु बागरेचा, सुनीता भूतोडिय़ा, प्रवीण शर्मा, कमल डागा, जतनलाल बैद, भूपेंद्र छाजेड़, पन्नालाल पगारिया, विजया रामपुरिया व नवरत्न बैद मौजूद थे। संचालन पवनराज नाहटा ने किया।