कर्मो से ही मिलते हैं सुख-दुख : मुनि अर्हत
कर्मो से ही मिलते हैं सुख-दुख : मुनि अर्हत
धूरी (संगरूर) जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो
हर इंसान का जन्म उसके कर्मो के अनुसार होता है। कर्मो से ही इंसान सुख शांति व दुख-अशांति प्राप्त करता है। यह बात शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी के शिष्य मुनि अर्हत कुमार ने सोमवार को दीवाली की पूर्व संध्या पर तेरा पंथ भवन में कही।
मुनि जी ने कहा कि भगवान राम, महावीर, बुद्ध व हनुमान जैसी महान आत्माएं भी कर्मो के साथ बंधी हुई थी। उन्होंने भी त्याग, तप व संयम को अपना कर कर्मो के साथ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि दीवाली पर सभी लोग पटाखे चला कर पाप कर्म अर्पित करते हैं। पाप के कारण ही इंसान को दुख झेलना पड़ता है। भगवान को मनाने के लिए मनुष्य को शालीन, संयमी व आध्यात्मिक होना चाहिए। पटाखों से दूर रहकर जप तप से दीवाली पर्व मनाकर भगवान को मनाएं।