भीम : मनुष्य शरीर के पार आत्मा के रहस्य से वाकिफ नहीं : साध्वी सम्यक प्रभा
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भीम. २२ अगस्त २०१२ जैन तेरापंथ न्यूज ब्योरो संवत्सरी पर्व साध्वी ज्ञानप्रभा के सान्निध्य में विविध धार्मिक अनुष्ठान एवं तपाराधना कर आत्मशुद्धि के साथ मनाया गया। साध्वी ज्ञानप्रभा ने पर्युषण पर्व के अष्ट दिवसीय आयोजन का महत्व प्रतिपादित किया। साध्वी सुप्रिय दर्शना ने क्षमा पर्व के संदर्भ में अपने वचन व्यक्त किए। इस दौरान तपस्वी चांदमल, मांगीलाल, प्रेरणा दक, रश्मि कोठारी, मंजू कोठारी, महावीर देरासरिया, शंकुतला छाजेड़, प्रेम लोढ़ा आदि मौजूद थे। तेरापंथ सभा भवन में साध्वी सम्यकप्रभा के सान्निध्य में संवत्सरी महापर्व तप त्याग पूर्वक मनाया गया। साध्वी सम्यक प्रभा ने कहा कि मृत्यु जीवन का शाश्वत व अंतिम सत्य है जगत के सत्य संबंधों की इतिश्री हो जाती हैै। तथा नश्वर दैहिक रिश्तों के भंवर में डूबा मनुष्य शरीर के पार आत्मा के रहस्य से वाकिफ नहीं हो पाता है।